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कन्या पूजन — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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नवरात्रि

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

कन्या पूजननवमीअष्टमी
देवी उपासना

नवरात्रि में कन्या भोज में क्या क्या बनाना चाहिए

कन्या भोज: पूड़ी + हलवा + काले चने (सबसे पारम्परिक) + खीर। अन्य: दही-भल्ले, पनीर, मिठाई, फल। सात्विक — प्याज-लहसुन वर्जित। 9 कन्या (2-10 वर्ष) + 1 लांगुर। पैर धोएँ → तिलक → चुनरी/वस्त्र → भोजन → चरण स्पर्श → दक्षिणा।

नवरात्रिकन्या भोजकन्या पूजन
नवरात्रि विधि

नवरात्रि में कन्या पूजन क्यों किया जाता है?

कन्या में देवी का अंश होता है — 1-9 वर्ष की कन्याएं नवदुर्गा के नौ रूपों की प्रतीक हैं। अष्टमी या नवमी को 2-10 कन्याओं के चरण धोएं, तिलक लगाएं, हलवा-पूरी-चना भोजन कराएं और दक्षिणा दें। कन्या पूजन से सभी देवता प्रसन्न होते हैं।

कन्या पूजनकुमारी पूजननवरात्रि
नवरात्रि विधि

नवरात्रि में कन्या पूजन क्यों किया जाता है?

देवी भागवत के अनुसार देवी दुर्गा कुमारी कन्याओं में निवास करती हैं। 2-10 वर्ष की कन्याओं के पाँव धोकर, रोली लगाकर, हलवा-पूरी का भोग देकर और दक्षिणा से उनकी पूजा करें। 9 कन्याओं की पूजा सर्वोत्तम है।

कन्या पूजनकुमारी पूजानवरात्रि

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।