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कवच कुंडल प्रश्नोत्तरी — 7 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित कवच कुंडल विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 7 प्रश्न

दिव्यास्त्र

वासवी शक्ति का जन्म कैसे हुआ?

कर्ण के अभूतपूर्व त्याग से प्रभावित और लज्जित होकर इंद्र ने वासवी शक्ति दी। यह इंद्र के छल की भरपाई के रूप में दिया गया अस्त्र था।

वासवी शक्तिजन्मकर्ण
दिव्यास्त्र

कर्ण ने छल जानते हुए भी कवच-कुंडल क्यों दे दिए?

कर्ण ने छल जानते हुए भी कवच-कुंडल दिए क्योंकि वह अपने दानवीर धर्म और वचन को अपने प्राणों से भी अधिक महत्व देता था।

कर्णदानवीरकवच कुंडल
दिव्यास्त्र

सूर्य देव ने कर्ण को क्या सलाह दी थी?

सूर्य देव स्वप्न में आकर कर्ण को इंद्र के छल से सावधान किया और कवच-कुंडल न देने की सलाह दी। साथ ही यदि देना पड़े तो बदले में अमोघ अस्त्र मांगने को कहा।

सूर्य देवकर्णसलाह
दिव्यास्त्र

इंद्र ने कर्ण का कवच-कुंडल क्यों लिया?

इंद्र ने अपने पुत्र अर्जुन की रक्षा के लिए कर्ण का कवच-कुंडल लिया। कृष्ण की सलाह पर उन्होंने ब्राह्मण वेश में छल से यह दिव्य सुरक्षा कर्ण से मांग ली।

इंद्रकर्णकवच कुंडल
दिव्यास्त्र

कर्ण का जन्म किस दिव्य सुरक्षा के साथ हुआ था?

कर्ण का जन्म सूर्य देव के वरदान से प्राप्त दिव्य कवच और कुंडल के साथ हुआ था जो उसके शरीर का ही अंग थे और उसे अजेय बनाते थे।

कर्णकवच कुंडलसूर्य देव
अस्त्र शस्त्र

कर्ण का कवच किसने दिया था?

कर्ण का कवच-कुंडल उनके पिता सूर्यदेव का दिव्य वरदान था। माता अदिति के दिव्य कुंडलों सहित यह जन्म के साथ ही शरीर पर था। इसे देने वाले सूर्यदेव स्वयं थे।

कवच कुंडलसूर्यदेवअदिति
अस्त्र शस्त्र

कर्ण का कवच-कुंडल क्या था?

कर्ण का कवच-कुंडल जन्म से ही शरीर पर था — सूर्यदेव का दिव्य वरदान। यह शरीर का अभिन्न अंग था, अभेद्य था, और कोई भी अस्त्र इसे नहीं भेद सकता था। जब तक था — कर्ण अजेय थे।

कवच कुंडलकर्णजन्मजात

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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