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गणपति प्रश्नोत्तरी — 7 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित गणपति विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 7 प्रश्न

गणेश कथा

गणेश जी को प्रथम पूज्य क्यों बनाया गया?

गणेश जी प्रथम पूज्य दो कारणों से बने — पहला: पार्वती जी के क्रोध को शांत करने के लिए शिव ने यह वरदान दिया। दूसरा: ब्रह्मांड-परिक्रमा प्रतियोगिता में गणेश जी ने माता-पिता की परिक्रमा करके बुद्धि से विजय पाई।

गणेश प्रथम पूज्यविघ्नहर्ताशिव वरदान
गणेश कथा

शिव ने गणेश जी को हाथी का सिर कैसे लगाया?

शिव पुराण के अनुसार शिव जी ने गणों को उत्तर दिशा में भेजा। वहाँ माँ की तरफ पीठ करके सोते हुए हाथी के बच्चे का सिर लाया गया। शिव जी ने उसे गणेश के धड़ से जोड़कर मंत्रबल से प्राण डाले और गणेश जी पुनर्जीवित हुए।

गणेश हाथी सिरशिव वरदानगजमुख
गणेश कथा

गणेश जी का सिर हाथी का क्यों है, शिव पुराण में क्या कारण बताया है?

शिव पुराण के अनुसार शिव जी ने क्रोध में गणेश जी का सिर काट दिया था। पार्वती के क्रोध को शांत करने के लिए शिव ने पुत्र को पुनर्जीवित करने का वचन दिया। उत्तर दिशा में मिले हाथी के बच्चे का सिर लाकर जोड़ा गया और इस प्रकार गणेश जी गजमुख हुए।

गणेश हाथी सिरशिव पुराणगजमुख
मंदिर वास्तु

मंदिर में गणपति प्रतिमा सबसे पहले क्यों स्थापित की जाती है?

कारण: (1) ऋग्वेद: 'गणानां त्वा गणपतिं हवामहे' = प्रथम आवाहनीय (2) विघ्नहर्ता — प्रारम्भ में पूजन = विघ्न पूर्व-निवारण (3) शिवपुराण कथा — माता-पिता प्रदक्षिणा = प्रथम पूज्य वरदान। स्थान: प्रवेश द्वार पर/अलग मंडप। सर्वत्र: निर्माण, प्राण प्रतिष्ठा, विवाह, हवन, पत्र — सब में पहले।

गणपतिप्रथम पूज्यविघ्नहर्ता
पूजा विधि

गणेश पूजा विधि क्या है?

गणेश पूजा में पंचामृत स्नान, सिंदूर, 21 दूर्वा, लाल पुष्प, जनेऊ अर्पण, 21 मोदक का भोग, 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप और आरती करें। पूजा में तुलसी वर्जित है। बुधवार और चतुर्थी तिथि सर्वश्रेष्ठ है।

गणेश पूजाविधिषोडशोपचार
गणेश कथा

शिव पुराण के अनुसार गणेश जी का जन्म कैसे हुआ?

शिव पुराण के अनुसार माता पार्वती ने अपने शरीर पर लगे उबटन से एक बालक की प्रतिमा बनाई और अपनी दिव्य शक्ति से उसमें प्राण डाले। यही बालक गणेश जी कहलाए। पार्वती जी इसलिए एक विश्वसनीय गण चाहती थीं जो केवल उनकी आज्ञा माने।

गणेश जन्मशिव पुराणपार्वती उबटन
गणेश कथा

शिव ने किस वरदान से गणेश को सभी देवों में अग्रपूज्य बनाया?

शिव जी ने गणेश को तीन वरदान दिए — प्रथम पूजा का अधिकार, विघ्नहर्ता का पद और गणों के अधिपति का पद। साथ ही ब्रह्मा और विष्णु ने भी आशीर्वाद दिया। इस प्रकार गणेश जी सभी देवों में अग्रपूज्य बने।

गणेश अग्रपूज्यशिव वरदानविघ्नहर्ता वरदान

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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