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नैमिषारण्य प्रश्नोत्तरी — 7 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित नैमिषारण्य विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 7 प्रश्न

तीर्थ स्थल

नैमिषारण्य तीर्थ कहाँ है और इसका महत्व?

सीतापुर UP (लखनऊ ~90km), गोमती तट। 88,000 ऋषियों ने पुराण सुने। विष्णु चक्र से असुर नाश। चक्रतीर्थ, व्यास गद्दी। एक दिन निवास = लाखों वर्ष तप पुण्य।

नैमिषारण्यलखनऊ88000 ऋषि
श्रीमद्भागवत

कलियुग से पार पाने में हरि कथा कैसे मदद करती है?

ऋषि कहते हैं कि कलियुग अंतःकरण की पवित्रता और शक्ति को नष्ट करता है; उससे पार जाने वालों के लिये सूतजी कर्णधार जैसे मिले हैं।

कलियुगहरि कथासूतजी
श्रीमद्भागवत

नैमिषारण्य में ऋषि क्यों इकट्ठे हुए थे?

शौनकादि ऋषि नैमिषारण्य में भगवत प्राप्ति की इच्छा से हजार वर्ष में पूर्ण होने वाला महान यज्ञ कर रहे थे।

नैमिषारण्यऋषियज्ञ
पुराण कथा

सूतजी कौन थे?

सूतजी पुराणों के ज्ञाता, परम बुद्धिमान और व्यासजी से पुराणसंहिता प्राप्त करने वाले पौराणिक थे।

सूतजीव्यासजीपुराण
पुराण कथा

नैमिषारण्य क्या है?

नैमिषारण्य वह तीर्थ है जहाँ ऋषि रहते थे और जहाँ नारदजी तथा सूतजी पहुँचे।

नैमिषारण्यऋषिनारद
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

नारायण बलि किन तीर्थों में किया जा सकता है?

नारायण बलि गंगा, यमुना, नैमिषारण्य और पुष्कर जैसे तीर्थों में किया जा सकता है।

नारायण बलि तीर्थगंगायमुना
रामचरितमानस — बालकाण्ड

मनु-शतरूपा ने किस स्थान पर तपस्या की?

नैमिषारण्य तीर्थ में, फिर गोमती नदी के किनारे। वहाँ मुनियों ने सब तीर्थ करा दिये। वल्कल वस्त्र धारण करके संत-समाज में नित्य पुराण सुनते और द्वादशाक्षर मन्त्र (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) का जप करते थे।

बालकाण्डमनु शतरूपानैमिषारण्य

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।