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विस्तृत उत्तर
नारायण बलि गंगा, यमुना, नैमिषारण्य और पुष्कर जैसे पवित्र तीर्थों में किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इसे स्वच्छ जल के समीप या कृष्ण मंदिर में भी संपन्न किया जा सकता है। यह अनुष्ठान 5 श्रेष्ठ और विद्वान ब्राह्मणों के माध्यम से किया जाना चाहिए और अकाल मृत्यु प्राप्त आत्मा को 64 प्रकार की मृत्यु-बाधाओं से मुक्त कर सद्गति देता है।
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