📖
विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में निर्देश है कि मृत्यु का समय निकट आते ही व्याधियुक्त शरीर को भूमि पर लेटा देना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार भूमि पर गोमय, अर्थात गाय के गोबर, का लेपन करके उस पर कुशा बिछानी चाहिए और मुमूर्षु व्यक्ति को उसी पर स्थापित करना चाहिए। शय्या या खाट पर प्राण त्यागना शास्त्रों में अत्यंत वर्जित बताया गया है। यह व्यवस्था मृत्यु के समय देह की पवित्रता और पारलौकिक शुद्धता के विधान से जुड़ी है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?


