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शिवलिंग स्थापना प्रश्नोत्तरी — 9 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित शिवलिंग स्थापना विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 9 प्रश्न

ज्योतिर्लिंग

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?

रावण ने नौ सिर अर्पित कर शिव को प्रसन्न किया। शिव ने रावण के सिर जोड़े (वैद्य=चिकित्सक)। आत्मलिंग लेकर लंका जाते समय विष्णु लीला से देवघर में भूमि पर रख गया। वहीं वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थापित हो गया।

वैद्यनाथरावणदेवघर
आगम और तंत्र शास्त्र

शिवलिंग की स्थापना के लिए कौन से आगम प्रमाण हैं?

28 शैव आगम — विशेषतः कामिकागम और कारणागम — शिवलिंग की स्थापना और पूजा-पद्धति के सर्वोच्च प्रमाण हैं क्योंकि यह ज्ञान सीधे देवाधिदेव महादेव से प्रवाहित हुआ है।

28 शैव आगमकामिकागमकारणागम
पूजा विधि

प्रदोष काल (शाम) की विस्तृत 'षोडशोपचार पूजा' कैसे की जाती है?

षोडशोपचार पूजाशिवलिंग स्थापनाबिल्व पत्र
काशी के शिवलिंग

काशी में महोदरेश्वर शिवलिंग की स्थापना किसने की और इसका प्रामाणिक उल्लेख किस पुराण में है?

इसकी स्थापना भगवान शिव के परम गण 'महोदर' ने की थी। इसका प्रामाणिक उल्लेख स्कंद पुराण के काशी खण्ड (अध्याय ५३-५४) में प्राप्त होता है।

महोदरेश्वर शिवलिंगशिव गण महोदरस्कंद पुराण
काशी के शिवलिंग

काशी में महाकालेश्वर शिवलिंग कहाँ स्थित है और इसकी स्थापना किसने की?

यह काशी के दारा नगर में महामृत्युंजय महादेव मंदिर प्रांगण में स्थित है। इसकी स्थापना शिव के परम गण 'महाकाल' ने की थी, जिसका वर्णन स्कंद पुराण के काशी खंड में है।

महाकालेश्वर शिवलिंगकाशीदारा नगर
शिव पूजा

शिवलिंग की स्थापना किस तिथि में करनी चाहिए?

शिवलिंग स्थापना तिथि: महाशिवरात्रि (सर्वोत्तम), सावन सोमवार, प्रदोष (त्रयोदशी), शुभ सोमवार। स्थिर लग्न। पुष्य/रोहिणी नक्षत्र। जलाधारी उत्तर मुख। स्थापना के बाद नित्य पूजा अनिवार्य — सम्भव न हो तो चित्र रखें।

शिवलिंग स्थापनाशुभ तिथिप्राण प्रतिष्ठा
स्थापना विधि

शिवलिंग की स्थापना कैसे करें?

शिवलिंग स्थापना में: नर्मदेश्वर सर्वोत्तम (प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं)। घर में ईशान कोण, अंगूठे से छोटा आकार। पंचामृत शुद्धि, स्थापना मंत्र 'ॐ नमः शिवाय'। नित्य पूजा अनिवार्य। गृहस्थों के लिए पार्थिव लिंग (मिट्टी का) सर्वोत्तम विकल्प।

शिवलिंग स्थापनाप्राण प्रतिष्ठाघर मंदिर
स्थापना विधि

शिवलिंग की स्थापना कैसे करें?

ईशान कोण में, शुभ मुहूर्त में, पंचामृत स्नान कराकर, पंडित जी से प्राण प्रतिष्ठा करवाकर शिवलिंग स्थापित करें। जलहरी का मुख उत्तर में हो और शिवलिंग का आकार गृह पूजा के लिए अंगूठे जितना उचित है।

शिवलिंग स्थापनाप्रतिष्ठागृह पूजा
शिव पूजा विधि

घर में शिवलिंग स्थापित करने के वास्तु नियम क्या हैं?

वास्तु नियम: शिवलिंग अंगूठे के आकार तक (4-6 इंच)। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थापित करें। जलधारी का मुख उत्तर दिशा में। नर्मदेश्वर/चांदी का शिवलिंग सर्वश्रेष्ठ। एक से अधिक न रखें। नित्य पूजा व जलाभिषेक अनिवार्य (लिंग पुराण)। ऊपर बाथरूम/किचन न हो।

शिवलिंग स्थापनावास्तुईशान कोण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।