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गुरु मंत्र: गुरु दीक्षित, व्यक्तिगत, गोपनीय, शक्तिपात सहित, सर्वाधिक प्रभावी। मूल मंत्र: शास्त्र प्रसिद्ध (ॐ नमः शिवाय आदि), सार्वजनिक, बिना दीक्षा जप...
मंत्र साधनागुरु मंत्र: दीक्षा में प्राप्त, अत्यंत गोपनीय, गुरु+मंत्र शक्ति, मोक्ष। इष्ट: स्वयं चुना/गुरु निर्धारित, कम गोपनीय, कामना+भक्ति। गुरु मंत्र > इष्ट (शक...
मंत्र जप ज्ञानबीज मंत्र = एकाक्षरी ध्वनि, देवता शक्ति का सार (ह्रीं/श्रीं/क्रीं/ऐं)। मूल मंत्र = सम्पूर्ण मंत्र (ॐ + बीज + देवता नाम + नमः)। बीज = केन्द्रित ऊर्जा, ...
तंत्र साधनाकुलार्णव: मंत्रों में भेद नहीं — साधक में भेद। सिद्धि के लिए: ॐ (सर्वोच्च बीज), गायत्री (सर्व मंत्र माता), महामृत्युंजय (संकट), इष्टदेव मंत्र (व्यक्ति...
मंत्र सिद्धिमंत्र > रत्न। मंत्र=आंतरिक, निःशुल्क, शुद्ध भक्ति, कोई हानि नहीं। रत्न=बाहरी, महँगा, गलत=हानि। सर्वोत्तम=मंत्र+दान+सेवा+कर्म। रत्न न खरीद सकें=मंत्र अ...
ज्योतिष मार्गदर्शनबीज मंत्र: एक/दो अक्षर का मंत्र जिसमें देवता की समस्त शक्ति संघनित। जैसे बीज में वृक्ष। प्रमुख: ॐ (सर्वदेव), ह्रीं (महालक्ष्मी), क्रीं (काली), ऐं (सरस...
बीज मंत्र परिचयबिना दीक्षा: 'ॐ नमः शिवाय', महामृत्युंजय मंत्र, 'ॐ नमो भगवते रुद्राय', शिव गायत्री, नाम जप (हर हर महादेव, साम्ब सदाशिव)। स्तोत्र (रुद्राष्टक, शिव तांड...
शिव मंत्रगुरु मंत्र वह मंत्र है जो सिद्ध गुरु दीक्षा के समय शिष्य को देते हैं। इसमें गुरु की साधना की शक्ति होती है — यह शीघ्र सिद्ध होता है। दीक्षित मंत्र को ...
मंत्र ज्ञानमंत्र = पवित्र ध्वनि (तंत्र का एक अंग)। तंत्र = सम्पूर्ण साधना प्रणाली जिसमें मंत्र + यंत्र + क्रिया तीनों शामिल हैं। केवल 'ॐ नमः शिवाय' जपना = मंत्र ...
तंत्र परिचयजनेऊ बिना मंत्र: परम्परावादी=वैदिक मंत्र अधिकार नहीं। उदार=भगवन्नाम/पौराणिक मंत्र सबका अधिकार। व्यावहारिक: ॐ नमः शिवाय, विष्णु मंत्र, चालीसा=बिना जनेऊ...
वैदिक कर्मकांडगुरु मंत्र = दीक्षा-समय गुरु द्वारा दिया मंत्र। कुलार्णव: गुरु-दत्त मंत्र सर्वश्रेष्ठ — इसमें गुरु-शक्ति पहले से। सिद्धि का मूल: गुरु में श्रद्धा और भ...
मंत्र सिद्धिकुलार्णव: पुरश्चरण में केवल गुरु-दत्त मंत्र — स्वेच्छा से लिया मंत्र निष्फल। तीन शर्तें: गुरु-दीक्षित, इष्टदेव का, शास्त्र-सम्मत। प्रमुख मंत्र: गायत्र...
पुरश्चरण