ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड चौपाई 1

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

बंदउँ अवध पुरी अति पावनि । सरजू सरि कलि कलुष नसावनि ॥ प्रनवउँ पुर नर नारि बहोरी । ममता जिन्ह पर प्रभुहि न थोरी ॥

Bandaun avadha puri ati pavani. Saraju sari kali kalusha nasavani. Pranavaun pura nara nari bahori. Mamata jinha para prabhuhi na thori.

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मैं अति पवित्र श्रीअयोध्यापुरी और कलियुगके पापोंका नाश करनेवाली श्रीसरयू नदीकी वन्दना करता हूँ। फिर अवधपुरीके उन नर-नारियोंको प्रणाम करता हूँ जिनपर प्रभु श्रीरामचन्द्रजीकी ममता थोड़ी नहीं है (अर्थात् बहुत है)॥ १॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस