वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मङ्गलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥ १ ॥
अर्थ: अक्षरों, अर्थसमूहों, रसों, छन्दों और मंगलोंकी करनेवाली सरस्वतीजी और गणेशजीकी मैं वन्दना करता हूँ॥ १ ॥
बाल काण्ड · Baal Kaand
भलेउ पोच सब बिधि उपजाए । गनि गुन दोष बेद बिलगाए ॥ कहहिं बेद इतिहास पुराना । बिधि प्रपंचु गुन अवगुन साना ॥
Bhaleu pocha saba bidhi upajae. Gani guna dosha beda bilagae. Kahahin beda itihasa purana. Bidhi prapanchu guna avaguna sana.
भले, बुरे सभी ब्रह्माके पैदा किये हुए हैं, पर गुण और दोषोंको विचारकर वेदोंने उनको अलग-अलग कर दिया है। वेद, इतिहास और पुराण कहते हैं कि ब्रह्माकी यह सृष्टि गुण-अवगुणोंसे सनी हुई है॥ २॥
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