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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड चौपाई 2

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जानि कृपाकर किंकर मोहू । सब मिलि करहु छाड़ि छल छोहू ॥ निज बुधि बल भरोस मोहि नाहीं । तातें बिनय करउँ सब पाहीं ॥

Jani krupakara kinkara mohu. Saba mili karahu chhadi chhala chhohu. Nija budhi bala bharosa mohi nahin. Taten binaya karaun saba pahin.

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मुझको अपना दास जानकर कृपाकी खान आप सब लोग मिलकर छल छोड़कर कृपा कीजिये। मुझे अपने बुद्धि-बलका भरोसा नहीं है, इसीलिये मैं सबसे विनती करता हूँ॥ २॥

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