ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड चौपाई 3

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुक सनकादि भगत मुनि नारद । जे मुनिबर बिग्यान बिसारद ॥ प्रनवउँ सबहि धरनि धरि सीसा । करहु कृपा जन जानि मुनीसा ॥

Suka sanakadi bhagata muni narada. Je munibara bigyana bisarada. Pranavaun sabahi dharani dhari sisa. Karahu krupa jana jani munisa.

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

शुकदेवजी, सनकादि, नारदमुनि आदि जितने भक्त और परम ज्ञानी श्रेष्ठ मुनि हैं, मैं धरतीपर सिर टेककर उन सबको प्रणाम करता हूँ; हे मुनीश्वरो! आप सब मुझको अपना दास जानकर कृपा कीजिये॥ ३॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस