ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 4

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

नाम रूप गति अकथ कहानी । समुझत सुखद न परति बखानी ॥ अगुन सगुन बिच नाम सुसाखी । उभय प्रबोधक चतुर दुभाषी ॥

Naam roop gati akath kahani. Samujhat sukhad na parati bakhani. Agun sagun bich naam susakhi. Ubhay prabodhak chatur dubhashi.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

नाम और रूपकी गतिकी कहानी (विशेषताकी कथा) अकथनीय है। वह समझनेमें सुखदायक है, परन्तु उसका वर्णन नहीं किया जा सकता। निर्गुण और सगुणके बीचमें नाम सुन्दर साक्षी है और दोनोंका यथार्थ ज्ञान करानेवाला चतुर दुभाषिया है ॥ ४ ॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस चौपाई 4 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik