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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 5

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जौं बरषइ बर बारि बिचारू । होहिं कबित मुकुतामनि चारू ॥

Jaun barashai bara bari bicharu. Hohin kabita mukutamani charu.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इसमें यदि श्रेष्ठ विचाररूपी जल बरसता है तो मुक्तामणिके समान सुन्दर कविता होती है॥ ५॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 5 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik