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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 5

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

पुनि मन बचन कर्म रघुनायक । चरन कमल बंदउँ सब लायक ॥ राजिवनयन धरें धनु सायक । भगत बिपति भंजन सुखदायक ॥

Puni mana bachana karma raghunayaka. Charana kamala bandaun saba layaka. Rajivanayana dharen dhanu sayaka. Bhagata bipati bhanjana sukhadayaka.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

फिर मैं मन, वचन और कर्मसे कमलनयन, धनुष-बाणधारी, भक्तोंकी विपत्तिका नाश करने और उन्हें सुख देनेवाले भगवान् श्रीरघुनाथजीके सर्वसमर्थ चरणकमलोंकी वन्दना करता हूँ॥ ५॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 5 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik