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18 जनवरी 2026

18 जनवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

18 जनवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
योग
हर्षण
करण
चतुष्पद
वार
रविवार
हिन्दू मास
पौष
ऋतु
हेमन्त
सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:49

आज के पर्व

मौनीअमावस्याAnvadhanमाघ

18 जनवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

तंत्र साधना में काली रात का क्या महत्व है?

अमावस्या = काली शक्ति सर्वोच्च, तामसिक ऊर्जा (उग्र देवी), गोपनीय, मन शून्य (चंद्र अनुपस्थित)। दीपावली = काली+लक्ष्मी। सौम्य = पूर्णिमा। उन्नत — गुरु।

तंत्र साधना में अमावस्या क्यों विशेष मानी जाती है?

अमावस्या = सबसे अंधेरी रात = शक्ति स्रोत (काली)। चंद्र=मन शून्य → अंतर्मुखी ध्यान। सूक्ष्म ऊर्जा तीव्र। पितृ तिथि। काली/भैरव साधना विशेष। सात्विक (तर्पण/ध्यान) = सभी। तामसिक = दीक्षित।

काली पूजा में रात को दीपदान का क्या महत्व है?

अंधकार→प्रकाश = अज्ञान नाश। अमावस्या + दीपक = काली कृपा। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय।' काली = बाहर अंधकार, भीतर ज्योति। 14 दीपक, सरसों तेल/घी, चारों कोनों + द्वार।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

अमावस्या पर तर्पण कैसे करें?

अमावस्या = पितरों का विशेष दिन। सूर्योदय से पहले स्नान, दक्षिण मुख, तिल-जल तर्पण (3 पीढ़ी)। कौवे+गाय को भोजन। पीपल जल। सात्विक भोजन। सोमवती/मौनी अमावस्या विशेष।

शिव पूजा में अमावस्या और पूर्णिमा में कौन सा दिन श्रेष्ठ है?

अमावस्या > पूर्णिमा (शिव = संहारक, अंधकार)। किन्तु सर्वश्रेष्ठ = चतुर्दशी (शिवरात्रि)। पूर्णिमा: गुरु पूर्णिमा (शिव=आदि गुरु), श्रावण पूर्णिमा शुभ। शिव = काल से परे — कोई भी तिथि शुभ।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

गजाच्छाया योग कब बनता है?

हस्त, मघा और त्रयोदशी/अमावस्या संयोग पर।

बाल्यावस्था में मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

त्रयोदशी या अमावस्या को।

सूतक के बाद अष्टमी श्राद्ध कब करें?

सूतक बाद उचित उपलब्ध तिथि पर।

पूर्णिमा श्राद्ध छूट जाए तो क्या करें?

अष्टमी, द्वादशी या अमावस्या पर कर सकते हैं।

अष्टका श्राद्ध किन महीनों में होता है?

मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन में।

राक्षसों को निशाचर क्यों कहा जाता है?

राक्षसों की शक्ति रात, विशेषकर अमावस्या में बढ़ती है और वे रात में विचरण करते हैं, इसलिए उन्हें निशाचर कहा जाता है।

कलश स्थापना कब नहीं करनी चाहिए?

कलश स्थापना वर्जित है: चित्रा नक्षत्र में, वैधृति योग में, रात्रि के अंधकार में, अमावस्या तिथि में (क्षीण चंद्रमा देवी के सत्वगुण आवाह्न के अनुकूल नहीं) और राहुकाल में।

किस दिन गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए?

गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए: अमावस्या, चतुर्थी (4), नवमी (9), चतुर्दशी (14) पर। राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य न करें। भद्रा और पंचक दोष से भी बचें — खासकर लोहे से बने वाहन के लिए।

शव साधना के लिए अमावस्या क्यों चुनते हैं?

अमावस्या ब्रह्मांडीय विलय और शून्य की ऊर्जा से परिपूर्ण है — चंद्रमा (मन का प्रतीक) की अनुपस्थिति से आध्यात्मिक रिक्तता बनती है जो मोक्ष और अहंकार विलय की साधना के लिए परम शक्तिशाली है।

तांत्रिक पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

तांत्रिक पूजा के लिए शनिवार और रविवार सबसे उत्तम दिन हैं — निशिता काल (मध्यरात्रि) में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

चन्द्रमा कुंडली में कब कमजोर होता है?

चन्द्रमा कुंडली में तब कमजोर होता है जब वह नीच राशि में हो, अमावस्या के निकट क्षीण हो, या शनि/राहु/केतु के साथ युति में हो — यही चन्द्रदोष है।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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18 जनवरी 2026 — आज का पंचांग और प्रश्नोत्तर — 18 प्रश्न