स्कंद पुराण: वाडवाग्नि कथासरस्वती ने वाडवाग्नि से विश्व की रक्षा कैसे की?
शिव परामर्श: केवल सरस्वती ही इसे धारण कर सकती हैं। ब्रह्मा की आज्ञा से सरस्वती ने कुंवारी कन्या का रूप लिया, स्वर्ण पात्र में अग्नि रखी, नदी रूप में प्रकट हुईं और पश्चिम बहते हुए पुष्कर से होते हुए महासागर में अग्नि विसर्जित कर दी।
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