आत्मा और मोक्षचित्रगुप्त कर्मों का लेखा कैसे रखते हैं
चित्रगुप्त यमराज के सचिव हैं जो प्रत्येक जीव के हर कर्म (विचार, वचन, कर्म) का लेखा रखते हैं। मृत्यु बाद यमलोक में कर्म पुस्तक प्रस्तुत करते हैं। दार्शनिक दृष्टि से यह 'कर्माशय' (योगसूत्र 2.12) — अवचेतन में संचित कर्म-संस्कारों — का देवीकृत रूप है।
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