विस्तृत उत्तर
चित्रगुप्त की अकाट्य सूचना प्रणाली के पीछे श्रवण और श्रवणी देवों की अत्यंत शक्तिशाली और अदृश्य गुप्तचर व्यवस्था कार्य करती है। मनुष्य बंद कमरों में, अंधकार में या एकांत में जो भी पाप या पुण्य करता है, श्रवण और श्रवणी देव उसे उसी क्षण देख और सुन लेते हैं। संसार में जो कोई जैसा भी शुभ या अशुभ बोलता है, उसे वे अत्यंत शीघ्र ब्रह्मा के कानों तक और भगवान चित्रगुप्त की पंजिका तक पहुंचाते हैं। जब जीवात्मा यमराज के दरबार में लाई जाती है और यदि वह अपने पापों को नकारने का प्रयास करती है, तो ये श्रवण और श्रवणी देव यमराज के समक्ष प्रत्यक्ष गवाह के रूप में प्रस्तुत होकर जीवात्मा के प्रत्येक कृत्य का प्रमाण देते हैं।
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