योग बाधाएँयोग की बाधाएं कैसे दूर होती हैं?अत्यन्त उत्साह से अभ्यास करने वाले साधक की योग बाधाएँ दूर हो जाती हैं।#योग बाधा#अभ्यास#उत्साह
योग बाधाएँविषयलोलता योग में बाधा क्यों है?योग्य-अयोग्य जानते हुए भी अयोग्य विषयों में हठपूर्वक आसक्ति रखना विषयलोलता है, इसलिए यह योग में बाधा है।#विषयलोलता#अयोग्य विषय#योग बाधा
योग बाधाएँतीन प्रकार के दुःख कौन से हैं?तीन प्रकार के सहज दुःख आध्यात्मिक, आधिभौतिक और आधिदैविक बताए गए हैं।#त्रिविध दुःख#आध्यात्मिक#आधिभौतिक
योग बाधाएँभ्रान्तिदर्शन क्या होता है?समाधि के समीप पहुँचकर अज्ञान के कारण अनात्म पदार्थों में आत्मज्ञान रूप विपरीत ज्ञान रखना भ्रान्तिदर्शन है।#भ्रान्तिदर्शन#विपरीत ज्ञान#अनात्म
योग बाधाएँचित्त का लक्ष्य में न ठहरना क्या कहलाता है?समाधि अवस्था पाकर भी भवबन्धन के कारण चित्त का लक्ष्य में न ठहरना अनवस्थितचित्तत्व कहलाता है।#अनवस्थित चित्त#चित्त#समाधि
योग बाधाएँयोग करते समय संशय क्यों होता है?यह करूँ या वह करूँ, ऐसी अनिश्चित बुद्धि स्थानसंशय कहलाती है और योग में बाधा बनती है।#संशय#स्थानसंशय#अनिश्चितता
योग बाधाएँप्रमाद योग में बाधा कैसे बनता है?समाधि के साधनों का अनुष्ठान न करना प्रमाद है, इसलिए यह योग में बाधा बनता है।#प्रमाद#समाधि साधन#योग बाधा
योग बाधाएँयोग साधना में व्याधि का क्या मतलब है?धातुवैषम्य, क्रिया से उत्पन्न विकार और वात-पित्त आदि दोषों से होने वाले विकार व्याधि कहे गए हैं।#व्याधि#धातुवैषम्य#वात पित्त
योग बाधाएँयोग में आलस्य क्यों आता है?शरीर और चित्त के भारीपन के कारण योग में प्रवृत्ति न होना आलस्य कहा गया है।#आलस्य#योग बाधा#शरीर भारीपन
योग बाधाएँयोग साधना में कौन-कौन सी बाधाएं आती हैं?योग साधना में आलस्य, व्याधि, प्रमाद, संशय, चित्त की अनवस्थिति, अश्रद्धा, भ्रान्तिदर्शन, श्रान्ति, त्रिविध दुःख, दौर्मनस्य और विषयासक्ति जैसी बाधाएँ बताई गई हैं।#योग बाधा#आलस्य#व्याधि