ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

विवेक से जुड़े सभी प्रश्न(17)

विवेक पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 17 प्रश्न उपलब्ध हैं।

आधुनिक धर्म प्रश्न

ज्योतिष पर आँख मूंदकर विश्वास करना चाहिए क्या?

नहीं। ज्योतिष=मार्गदर्शन, नियति नहीं। कर्म>ग्रह(गीता)। महँगे उपाय/भय से बचें। GPS जैसा=रास्ता दिखाए, चलना आपको। अंधविश्वास खतरनाक। विवेक=सबसे बड़ा रत्न।

#ज्योतिष#अंधविश्वास#विवेक
दिव्यास्त्र

श्रीराम ने समुद्र के संदर्भ में आग्नेयास्त्र का प्रयोग क्यों नहीं किया?

समुद्र देव के क्षमा मांगकर सहायता का वचन देने पर श्रीराम ने आग्नेयास्त्र नहीं चलाया। यह उनकी विवेकशीलता और अनावश्यक विनाश से बचने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

#श्रीराम#आग्नेयास्त्र#समुद्र
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा का वक्ता किसे बनाना चाहिए?

भागवत कथा का वक्ता वैष्णव ब्राह्मण, वेद-शास्त्र में पारंगत, दृष्टांत-कुशल, धीर, विवेकी और निःस्पृह होना चाहिए।

#वक्ता#भागवत कथा#वैष्णव ब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

संन्यासी ने आत्मदेव को क्या बताया?

संन्यासी ने आत्मदेव को पुत्र-मोह छोड़ने, कर्म की गति को प्रबल मानने और विवेक से संसार-वासना त्यागने को कहा।

#संन्यासी#आत्मदेव#विवेक
श्रीमद्भागवत

सत्संग से विवेक कैसे जागता है?

कहा गया है कि सत्संग अज्ञानजनित मोह और मद का अंधकार मिटाकर विवेक जगाता है।

#सत्संग#विवेक#अज्ञान
श्रीमद्भागवत

सत्संग क्यों जरूरी है?

नारदजी के अनुसार संत-दर्शन पाप नष्ट करता है, संसार-दुख शांत करता है और विवेक जगाता है।

#सत्संग#साधु#विवेक
लोक

हंस गीता का सार

हंस गीता का सार है कि आत्मा साक्षी है और विवेक से माया-बंधन टूटता है।

#हंस गीता सार#आत्मज्ञान#मोक्ष
लोक

विवेक की तलवार क्या है

विवेक की तलवार आत्मा और माया में भेद करने वाली ज्ञान-दृष्टि है।

#विवेक#हंस गीता#हृदय ग्रंथि
लोक

हंस अवतार में हंस का प्रतीक क्या है

हंस शुद्धता, विवेक और परमहंस आत्मज्ञान का प्रतीक है।

#हंस प्रतीक#विवेक#परमहंस
लोक

नीर क्षीर विवेक क्या है

नीर-क्षीर विवेक सार और असार में भेद करने की आध्यात्मिक क्षमता है।

#नीर क्षीर विवेक#हंस#विवेक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

बालकाण्ड में सत्संग की क्या शिक्षा दी गई?

सबसे बड़ा साधन — विवेक देता, मोह नष्ट करता, तीर्थराज समान। 'बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।'

#बालकाण्ड#सत्संग#शिक्षा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

तुलसीदासजी ने सत्संग की महिमा में क्या कहा — 'बिनु सत्संग विवेक न होई' का क्या अर्थ है?

अर्थ — सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम की कृपा के बिना सत्संग सहज में नहीं मिलता। सत्संगति आनन्द और कल्याण की जड़ है — सत्संग की प्राप्ति ही फल है और बाकी सब साधन फूल हैं।

#बालकाण्ड#सत्संग#विवेक
जीवन एवं मृत्यु

केवल मनुष्य को ही कर्मफल क्यों भोगना पड़ता है?

मनुष्य 'कर्म योनि' में है — उसे विवेक और स्वतंत्र इच्छा से नए कर्म करने की शक्ति मिली है। इसीलिए वह अपने कर्मों का पूरा उत्तरदायी है और उसे उनका फल भोगना पड़ता है।

#कर्मफल#मनुष्य योनि#विवेक
आधुनिक धर्म प्रश्न

ज्योतिष आंख मूंदकर विश्वास करें क्या

नहीं — विवेक से। कर्म>ग्रह। 90% ज्योतिषी=सावधान। Forecast=संकेत। Final decision=आप। कर्म+बुद्धि+कृपा।

#ज्योतिष#विश्वास#विवेक
आध्यात्मिक साधना

आध्यात्मिक अनुभवों को कैसे सत्यापित करें?

सत्यापन: (1) गुरु-परीक्षा (सर्वश्रेष्ठ) (2) शास्त्र-अनुकूलता (3) स्थायी प्रभाव (शांति↑/अहंकार↓) (4) अहंकार-परीक्षा (विनम्रता↑=सच्चा) (5) पुनरावृत्ति+गहराई (6) जीवन बेहतर/अस्थिर (7) मानसिक स्वास्थ्य जाँच। अनुभव=मार्ग चिह्न, मंजिल नहीं।

#सत्यापन#भ्रम#दिव्य अनुभव
ध्यान साधना

ध्यान करने से जीवन में क्या बदलाव आते हैं?

ध्यान से जीवन में — मन शांत और एकाग्र होता है, क्रोध-चिंता घटती है, निर्णय-क्षमता और अंतर्ज्ञान बढ़ता है, शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। गीता (2/55-72) में स्थितप्रज्ञ के लक्षण यही बदलाव हैं। गीता (6/15) — नियमित ध्यान से परम शांति और निर्वाण मिलता है।

#ध्यान#जीवन परिवर्तन#लाभ
आध्यात्मिक साधना

आध्यात्मिक अनुभवों को कैसे सत्यापित करें?

सत्यापन: (1) गुरु-परीक्षा (सर्वश्रेष्ठ) (2) शास्त्र-अनुकूलता (3) स्थायी प्रभाव (शांति↑/अहंकार↓) (4) अहंकार-परीक्षा (विनम्रता↑=सच्चा) (5) पुनरावृत्ति+गहराई (6) जीवन बेहतर/अस्थिर (7) मानसिक स्वास्थ्य जाँच। अनुभव=मार्ग चिह्न, मंजिल नहीं।

#सत्यापन#भ्रम#दिव्य अनुभव
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।