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विस्तृत उत्तर
आकूति से यज्ञ और दक्षिणा का वर्णन इस प्रकार आता है कि उसने दक्षिणा सहित यज्ञ नामक पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद दक्षिणा ने दिव्य बारह कन्याओं को उत्पन्न किया। पाठ में इस प्रसंग को रुचि प्रजापति से आकूति के विवाह के बाद रखा गया है। इसलिए आकूति की संतति के रूप में यज्ञ, दक्षिणा और दक्षिणा से उत्पन्न बारह कन्याएँ बताई गई हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 5, PDF पृष्ठ 30, श्लोक 19
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