📖
विस्तृत उत्तर
आकूति का विवाह रुचि नामक प्रजापति से हुआ। पाठ में कहा गया है कि रुचि प्रजापति ने आकूति को भार्या रूप में ग्रहण किया। आगे आकूति से दक्षिणा सहित यज्ञ नामक पुत्र के जन्म का वर्णन आता है और दक्षिणा से दिव्य बारह कन्याएँ उत्पन्न होने की बात कही गई है। इसलिए आकूति का वंश रुचि, यज्ञ और दक्षिणा से जुड़ा है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 5, PDF पृष्ठ 30, श्लोक 18-19
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





