विस्तृत उत्तर
बेडरूम में आईना (दर्पण) लगाना, विशेषकर बिस्तर के सामने, वास्तु शास्त्र और फेंगशुई दोनों में अशुभ और हानिकारक माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार कारण
- 1ऊर्जा परावर्तन — आईना ऊर्जा को परावर्तित (reflect) करता है। सोते समय शरीर की शांत ऊर्जा परावर्तित होकर वापस आती है, जिससे अशांत नींद, बुरे स्वप्न और बेचैनी होती है।
- 1दांपत्य कलह — बिस्तर के सामने आईना होने से पति-पत्नी के बीच वाद-विवाद और तनाव बढ़ता है — ऐसी मान्यता है।
- 1तृतीय व्यक्ति का प्रवेश — वास्तु में माना जाता है कि आईने में सोते हुए दंपत्ति का प्रतिबिंब तृतीय व्यक्ति के प्रवेश (बाहरी संबंध) का प्रतीक है।
- 1नकारात्मक ऊर्जा का गुणन — आईना सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ऊर्जाओं को दोगुना करता है। रात में नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय मानी जाती है।
लोक परंपरा और शकुन
- ▸रात में आईने में अपना प्रतिबिंब देखना अशुभ माना जाता है।
- ▸कुछ परंपराओं में माना जाता है कि आईने में रात को नकारात्मक शक्तियां प्रतिबिंबित होती हैं।
व्यावहारिक/मनोवैज्ञानिक कारण
- ▸रात में अचानक नींद खुलने पर आईने में अपनी छाया देखकर भय लगना स्वाभाविक है।
- ▸आईना प्रकाश को परावर्तित करता है जिससे नींद में बाधा आ सकती है।
यदि आईना रखना आवश्यक हो तो उपाय
- 1आईने को ढकें — रात में सोते समय आईने को कपड़े से ढक दें।
- 2बिस्तर के सामने न हो — आईना ऐसे स्थान पर लगाएं जहां से सोते हुए प्रतिबिंब न दिखे।
- 3दरवाजे की ओर — आईने का मुख दरवाजे की ओर हो, बिस्तर की ओर नहीं।
- 4अलमारी के अंदर — ड्रेसिंग टेबल अलमारी के दरवाजे के अंदर लगाएं।





