विस्तृत उत्तर
व्यापार में लगातार नुकसान होने पर हिंदू धर्म और ज्योतिष में कई पूजाएं और उपाय बताए गए हैं। इनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं —
सबसे पहले लक्ष्मी-गणेश पूजा की जाती है। माँ लक्ष्मी धन की देवी हैं और गणेश जी विघ्नहर्ता हैं। बुधवार और शुक्रवार को इनकी संयुक्त पूजा करें। कमलगट्टे की माला से 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये नमः' का 108 बार जप करें।
व्यापार वृद्धि यंत्र की स्थापना भी प्रभावशाली मानी जाती है। इसे व्यापारस्थल की उत्तर या पूर्व दिशा में स्थापित करें और प्रतिदिन धूप-दीप के साथ इसकी पूजा करें।
सुंदरकांड का पाठ मंगलवार को करने से व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। श्रीराम-हनुमान की कृपा से व्यापारिक संकट टलता है।
लक्ष्मी सूक्त (ऋग्वेद) का प्रतिदिन पाठ करना भी अत्यंत लाभदायक है। जिन व्यापारियों के व्यापार पर नजर दोष हो उनके लिए नवग्रह पूजा करवाना उचित माना जाता है।
वास्तु दोष से भी व्यापार में हानि हो सकती है — इसके लिए कार्यस्थल की उत्तर दिशा को स्वच्छ और दोषमुक्त रखें, टूटे कांच और बंद घड़ियां हटाएं।
मूल कारण जानकर उपाय करना सबसे प्रभावशाली है — ज्योतिषी से कुंडली देखवाएं और उसके अनुसार उपाय करें।





