📖
विस्तृत उत्तर
ध्वनि से ब्रह्मांड बनने का अर्थ यह नहीं कि कोई साधारण आवाज सुनाई दी और वस्तुएँ बन गईं। यहाँ ध्वनि का अर्थ ब्रह्मांडीय कंपन है, जिसने अव्यक्त शून्य को गतिशील किया। आदिनाद ने कारण-जल में ऊर्जा जगाई और आकाश की संभावना पैदा की। फिर विष्णु की प्रथम श्वास से उस ऊर्जा को प्राण मिला और पंचभूतों तथा जगत का क्रम शुरू हुआ।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?