विस्तृत उत्तर
ध्यान के लिए वस्त्र-रंग का शास्त्रीय विधान विभिन्न परंपराओं में भिन्न है।
शास्त्रीय निर्देश
1श्वेत वस्त्र (सर्वाधिक अनुशंसित)
मनुस्मृति और विष्णु स्मृति में शुभ कार्यों, पूजा और ध्यान के लिए श्वेत वस्त्र का विधान है। श्वेत = शुद्धता, सात्विकता, शांति।
2पीत वस्त्र
विष्णु-उपासकों और वैष्णव परंपरा में पीले वस्त्र शुभ माने जाते हैं। भगवद्गीता का 'पीताम्बर' संदर्भ।
3भगवा/केसरिया वस्त्र
शैव और तांत्रिक परंपरा में भगवा वस्त्र तपस्या और त्याग का प्रतीक। कुलार्णव तंत्र: भगवा = अग्नि और तेज का प्रतीक।
4काले वस्त्र
सामान्यतः ध्यान में वर्जित। काले वस्त्र तमोगुण को बढ़ाते हैं (तंत्रशास्त्र के अनुसार)।
व्यावहारिक सिद्धांत
शास्त्रों में रंग से अधिक महत्त्व — वस्त्र की शुद्धता, नवीनता और मन की भावना को दिया गया है। सिंथेटिक कपड़े से बचें; सूती या ऊनी वस्त्र उचित हैं।
विशेष टिप्पणी: विभिन्न देवताओं की उपासना में वस्त्र-रंग का विशेष निर्देश मिलता है, जैसे — दुर्गा पूजा में लाल, सरस्वती पूजा में श्वेत, विष्णु पूजा में पीला।





