विस्तृत उत्तर
भगवान गणेश को 'प्रथम पूज्य' कहते हैं — हर शुभ कार्य से पहले गणेश की वंदना होती है। वे शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं।
सबसे सरल उपाय:
पहला — दूर्वा अर्पण — 21 दूर्वा (तीन-तीन की गुच्छियाँ) गणेश जी को अर्पित करें। दूर्वा उन्हें अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों में कहा गया है कि 21 दूर्वा अर्पण से सभी संकट दूर होते हैं।
दूसरा — मोदक का भोग — गणेश जी को मोदक, लड्डू और पंजीरी अत्यंत प्रिय है। बुधवार को मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएँ।
तीसरा — 'ॐ गं गणपतये नमः' — यह गणेश का बीज मंत्र है। इसे नित्य 108 बार जपने से गणेश-कृपा शीघ्र मिलती है। 'गं' बीजाक्षर है।
चौथा — बुधवार पूजन — बुधवार गणेश जी का प्रमुख दिन है। इस दिन पीले वस्त्र, पीले फूल और मोदक अर्पण विशेष फलदायी है।
पाँचवाँ — 'वक्रतुण्ड महाकाय...' श्लोक — 'वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥' — यह सरल और शक्तिशाली प्रार्थना है। प्रत्येक कार्य आरंभ में इसे बोलें।





