विस्तृत उत्तर
हनुमान जी के अनेक प्रभावी मंत्र हैं — हर मंत्र किसी विशिष्ट कार्य के लिए है:
सर्वसुलभ मंत्र — 'ॐ हं हनुमते नमः' — यह हनुमान जी का बीज मंत्र है जिसमें 'हं' हनुमान का बीजाक्षर है। यह सभी प्रकार के संकटों और भय के निवारण के लिए सर्वोत्तम है। नित्य 108 बार जपें।
सर्वशक्तिशाली — 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' — यह द्वादशाक्षर हनुमान मंत्र है। शत्रु-भय, जान-माल के डर और कठिन संकटों के लिए यह मंत्र विशेष प्रभावी है।
सर्व मनोकामना — 'ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय, सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा' — रोग, शत्रु और संकट सभी के निवारण के लिए।
हनुमान चालीसा — यह 40 चौपाइयों का महाकवच है जो स्वयं में एक पूर्ण मंत्र-संग्रह है। तुलसीदास जी ने कहा — 'जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहिं बंदि महासुख होई' — जो 100 बार हनुमान चालीसा पढ़े उसके सारे बंधन टूट जाते हैं।
कौन सा कब — नित्य जप 'ॐ हं हनुमते नमः'। शत्रु-भय में 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्'। सर्व मनोकामना के लिए हनुमान चालीसा।





