विस्तृत उत्तर
कलश के मुख पर रखा श्रीफल (नारियल) आकाश तत्व (Ether element) का प्रतिनिधित्व करता है। नारियल को मानव चेतना या 'शिर' (मस्तिष्क) का प्रतीक माना जाता है, जो असीम आकाश और ब्रह्मांडीय शून्यता से जुड़ता है।
एक अछीले (जटा वाले) नारियल को लाल वस्त्र या चुनरी में लपेटकर उस पर मौली बांधी जाती है। इस पूर्णतः सज्जित नारियल को कलश के मुख पर रखे पूर्णपात्र के अक्षतों के ऊपर स्थापित किया जाता है।
पारंपरिक ज्ञान के अनुसार नारियल का मुख (जिस ओर वह टहनी से जुड़ा होता है) सदैव साधक की ओर होना चाहिए।




