विस्तृत उत्तर
पद्म पुराण और स्कंद पुराण में कार्तिक मास के दौरान 'दीपदान' की अपार महिमा बताई गई है।
कार्तिक मास में देवालयों में, नदी के किनारे, और अपने घरों में तिल के तेल या शुद्ध घी के दीपक जलाने से व्यक्ति को 'सर्वतोमुखी लक्ष्मी' (सभी दिशाओं से समृद्धि) की प्राप्ति होती है।
यह दीपदान अज्ञानता के अंधकार, यम, शनि, राहु के दुष्प्रभाव और अकाल मृत्यु के भय को दूर कर जीवन में ज्ञान तथा श्री का प्रकाश लाता है।





