विस्तृत उत्तर
दीपावली पर केवल देवी लक्ष्मी की ही नहीं, अपितु भगवान श्री गणेश और ज्ञान की देवी माता सरस्वती की भी एक साथ पूजा की जाती है। इसका दार्शनिक आधार अत्यंत व्यावहारिक है।
लौकिक जीवन में लक्ष्मी (धन) का आगमन यदि बिना गणेश (सद्बुद्धि/विवेक) और सरस्वती (ज्ञान) के हो, तो वह अपार धन विनाश, कलह और पतन का कारण बन सकता है।
गणेश जी विघ्नहर्ता हैं और सद्बुद्धि प्रदान करते हैं ताकि प्राप्त ऐश्वर्य का उपयोग सत्कार्यों, दान और धर्म के मार्ग पर हो सके।
यदि व्यक्ति के पास केवल धन है, परंतु सही समय (गणेश) और सही ज्ञान (सरस्वती) का अभाव है, तो उसका व्यापार या जीवन निश्चित रूप से विफल हो जाता है।
अतः धन (लक्ष्मी), ज्ञान (सरस्वती) और उत्तम प्रबंधन या विवेक (गणेश) के संतुलन से ही व्यक्ति जीवन में सर्वोच्च और स्थायी सफलता प्राप्त करता है।





