विस्तृत उत्तर
समय स्पंदन से चलता है। जब महाविष्णु की श्वास और ब्रह्मांडीय स्पंदन रुक गया, तो अलग-अलग ब्रह्मांडों में समय का संतुलन बिगड़ गया।
समय का संतुलन कैसे बिगड़ा को संदर्भ सहित समझें
समय का संतुलन कैसे बिगड़ा का सबसे सीधा सार यह है: स्पंदन रुकने से समय का क्रम टूट गया।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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ऋत क्या है?
ऋत ब्रह्मांड की शाश्वत व्यवस्था और संतुलन है।
तलातल लोक का स्थान पाताल मंडल में क्यों महत्वपूर्ण है?
तलातल पाताल मंडल का चौथा और मध्यवर्ती स्तर है, इसलिए इसका स्थान महत्वपूर्ण है।
स्वर्लोक कितने समय तक रहा जा सकता है?
स्वर्लोक में जितने पुण्य उतने समय। गीता (9.21) कहती है — पुण्य क्षीण होने पर पुनः पृथ्वी पर लौटना पड़ता है। यह अस्थायी निवास है।
यमराज ने कालदण्ड का प्रयोग रावण पर क्यों नहीं किया?
ब्रह्मा जी ने हस्तक्षेप किया क्योंकि रावण को वरदान था कि वह मनुष्य के हाथों मरेगा, देवता के नहीं। साथ ही कालदण्ड से समस्त सृष्टि नष्ट हो सकती थी।
दीपावली पर गणेश-लक्ष्मी-सरस्वती की एक साथ पूजा क्यों होती है?
बिना गणेश (सद्बुद्धि) और सरस्वती (ज्ञान) के लक्ष्मी (धन) विनाश और पतन का कारण बन सकती है। धन (लक्ष्मी) + ज्ञान (सरस्वती) + विवेक (गणेश) के संतुलन से ही जीवन में सर्वोच्च और स्थायी सफलता मिलती है।
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