विस्तृत उत्तर
केसर (कुंकुमद्रव्य) अत्यंत दुर्लभ और बहुमूल्य पदार्थ है जिसे शास्त्रों में सात्विकता, भाग्यवृद्धि और देव-प्रसन्नता के लिए उत्तम माना गया है।
केसर तिलक कब लगाएँ — गुरुवार को केसर तिलक विशेष रूप से प्रभावशाली माना गया है क्योंकि बृहस्पति ग्रह का पीला रंग और केसर का रंग एक जैसा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार को केसर तिलक लगाना और बृहस्पति मंत्र जपना लाभकारी होता है।
किन देवताओं को लगाएँ — भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण, और माता लक्ष्मी को केसर का तिलक अर्पित करना शास्त्रसम्मत है। यात्रा से पहले और शुभ कार्य आरंभ करते समय केसर तिलक लगाना सफलता और यश दिलाने वाला माना जाता है।
केसर तिलक कैसे बनाएँ और लगाएँ — थोड़े से केसर को चाँदी के पात्र में या तांबे के पात्र में दूध या जल में घोलें। जब रंग अच्छी तरह घुल जाए तो अनामिका अंगुली से माथे के मध्य में छोटा सा गोल तिलक लगाएँ।
केसर तिलक के लाभ — शास्त्रों में कहा गया है कि केसर से युक्त तिलक लगाने से सात्विक गुणों और सदाचार में वृद्धि होती है, भाग्योदय होता है, और व्यक्ति के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा बनती है।





