लोकनवमी श्राद्ध से परिवार को क्या आशीर्वाद मिलता है?धन, संतति, ऐश्वर्य और शांति।#परिवार#आशीर्वाद#नवमी श्राद्ध
लोकसंयुक्त परिवार में नवमी श्राद्ध कौन करे?परिवार का मुखिया कर सकता है।#संयुक्त परिवार#नवमी श्राद्ध#कर्त्ता
लोकअष्टमी श्राद्ध सुबह करना सही है क्या?सुबह नहीं, कुतुप या अपराह्न में करें।#सुबह श्राद्ध#मुहूर्त#अष्टमी
लोकअष्टमी श्राद्ध में रौहिण मुहूर्त क्या है?कुतुप के बाद का शुभ श्राद्ध काल।#रौहिण मुहूर्त#श्राद्ध काल#अष्टमी
लोकअष्टमी श्राद्ध में कुतुप मुहूर्त क्या है?श्राद्ध का सबसे श्रेष्ठ समय।#कुतुप मुहूर्त#श्राद्ध समय#अष्टमी
लोकसप्तमी श्राद्ध का सही मुहूर्त क्या है?कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल सप्तमी श्राद्ध के सही मुहूर्त हैं।#सप्तमी श्राद्ध मुहूर्त#कुतुप#रौहिण
लोकगन्धर्व मुहूर्त क्या है?दिन का सातवाँ भाग गन्धर्व मुहूर्त है।#गन्धर्व मुहूर्त#सप्तम मुहूर्त#एकोद्दिष्ट
लोकरौहिण मुहूर्त क्या है?कुतुप के बाद का श्राद्धयोग्य समय रौहिण मुहूर्त है।#रौहिण मुहूर्त#श्राद्ध#पार्वण
लोककुतुप मुहूर्त क्या है?कुतुप मुहूर्त श्राद्ध का श्रेष्ठ अष्टम मुहूर्त है।#कुतुप मुहूर्त#श्राद्ध समय#सप्तमी
लोकसप्तमी श्राद्ध किस समय करें?सप्तमी श्राद्ध कुतुप और अपराह्न काल में करें।#सप्तमी श्राद्ध समय#कुतुप#अपराह्न
लोकसप्तमी तिथि के देवता कौन हैं?सप्तमी तिथि के अधिष्ठाता देव सूर्य माने गए हैं।#सप्तमी देवता#सूर्य#भास्कर
लोकसप्तमी मृत्यु तिथि का नियम क्या है?सप्तमी मृत्यु तिथि वाले पितर का श्राद्ध पितृ पक्ष की सप्तमी को होता है।#सप्तमी मृत्यु तिथि#श्राद्ध नियम#महालय
लोकसप्तमी तिथि का श्राद्ध क्यों करें?सप्तमी मृत्यु तिथि वाले पितरों की तृप्ति के लिए यह श्राद्ध करें।#सप्तमी तिथि#श्राद्ध#पितृ तृप्ति
लोकमृत्यु की प्रकृति से श्राद्ध तिथि कैसे बदलती है?मृत्यु की परिस्थिति के अनुसार श्राद्ध तिथि बदलती है।#मृत्यु प्रकृति#श्राद्ध तिथि#अकाल मृत्यु
लोकपितृ पक्ष की विशेष तिथियाँ कौन सी हैं?प्रतिपदा, पंचमी, नवमी, एकादशी-द्वादशी, चतुर्दशी और अमावस्या विशेष तिथियाँ हैं।#पितृ पक्ष तिथि#प्रतिपदा पंचमी नवमी#श्राद्ध
लोकअज्ञात मृत्यु तिथि का श्राद्ध कब करें?अज्ञात तिथि वाले पितरों का श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या को करें।#अज्ञात मृत्यु तिथि#सर्वपितृ अमावस्या#श्राद्ध
लोककुँवारा पंचमी से आत्मा को शांति कैसे मिलती है?कुँवारा पंचमी का तर्पण अविवाहित आत्मा को शांति देता है।#कुँवारा पंचमी#आत्मा शांति#पिण्डदान
लोकअज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध कब करें?अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध पंचमी को करें।#अज्ञात तिथि#अविवाहित श्राद्ध#पंचमी
लोककुँवारी लड़की का श्राद्ध कब करें?कुँवारी लड़की का श्राद्ध पंचमी को किया जाता है।#कुँवारी लड़की श्राद्ध#पंचमी#अविवाहित मृत्यु
लोककुँवारे लड़के का श्राद्ध कब करें?कुँवारे लड़के का श्राद्ध पंचमी को करें।#कुँवारा लड़का श्राद्ध#पंचमी#कुमार पंचमी
लोकप्रतिपदा मृत्यु तिथि का नियम क्या है?प्रतिपदा मृत्यु तिथि वाले पितर का श्राद्ध पितृ पक्ष की प्रतिपदा को होता है।#प्रतिपदा मृत्यु तिथि#श्राद्ध नियम#पितृ पक्ष
लोककुँवारा पंचमी क्या है?अविवाहित मृत्यु वालों के लिए पंचमी तिथि का श्राद्ध कुँवारा पंचमी है।#कुँवारा पंचमी#अविवाहित मृत्यु#पंचमी श्राद्ध
लोकरौहिण मुहूर्त क्या है?कुतप के बाद का पवित्र श्राद्ध समय रौहिण मुहूर्त है।#रौहिण मुहूर्त#श्राद्ध काल#कुतप
लोककुतप मुहूर्त क्या है?कुतप मुहूर्त श्राद्ध का श्रेष्ठ मध्याह्न समय है।#कुतप मुहूर्त#श्राद्ध समय#पार्वण श्राद्ध
लोकश्राद्ध किस मुहूर्त में करें?श्राद्ध कुतप, रौहिण या अपरान्ह काल में करें।#श्राद्ध मुहूर्त#कुतप#रौहिण
लोकचतुर्थी मृत्यु तिथि का नियम क्या है?स्वाभाविक चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को होता है।#चतुर्थी मृत्यु तिथि#श्राद्ध नियम#पितृ पक्ष
लोकनाना की मृत्यु तिथि न पता हो तो क्या करें?नाना की तिथि न पता हो तो प्रतिपदा को श्राद्ध किया जा सकता है।#नाना मृत्यु तिथि#प्रतिपदा श्राद्ध#मातामह
लोकप्रतिपदा मृत्यु तिथि का नियम क्या है?प्रतिपदा मृत्यु तिथि वाले पितर का श्राद्ध पितृ पक्ष की प्रतिपदा को होता है।#प्रतिपदा मृत्यु तिथि#श्राद्ध नियम#महालय
लोकरौहिण मुहूर्त क्या है?रौहिण मुहूर्त कुतुप के बाद का पवित्र श्राद्ध काल है।#रौहिण मुहूर्त#श्राद्ध मुहूर्त#तृतीया श्राद्ध
लोककुतुप मुहूर्त क्या है?कुतुप मुहूर्त श्राद्ध का सर्वोत्तम मध्याह्न काल है।#कुतुप मुहूर्त#श्राद्ध समय#तृतीया श्राद्ध
लोकतृतीया श्राद्ध किस समय करें?तृतीया श्राद्ध कुतुप, रौहिण या अपराह्न काल में करें।#श्राद्ध समय#कुतुप मुहूर्त#अपराह्न काल
लोकयुगादि तिथि क्या होती है?जिस तिथि को युगारंभ से जोड़ा जाए, वह युगादि तिथि कही जाती है।#युगादि तिथि#तृतीया#अक्षय
लोकतृतीया तिथि अक्षय क्यों है?तृतीया पर किया गया दान और श्राद्ध अक्षय फल देने वाला माना गया है।#अक्षय तृतीया#तृतीया श्राद्ध#अक्षय फल
लोकमृत्यु तिथि श्राद्ध क्यों मुख्य है?जिस तिथि को मृत्यु हुई हो, उसी तिथि का श्राद्ध मुख्य माना गया है।#मृत्यु तिथि श्राद्ध#पार्वण श्राद्ध#श्राद्ध तत्त्व
लोकतृतीया मृत्यु तिथि का नियम क्या है?तृतीया मृत्यु तिथि वाले पितर का श्राद्ध पितृ पक्ष की तृतीया को होता है।#तृतीया मृत्यु तिथि#श्राद्ध नियम#महालय
लोकपितर संध्या समय अधिक शक्तिशाली क्यों माने जाते हैं?ब्रह्मा के त्यक्त शरीर से संध्या बनने के कारण पितरों का संध्या काल से विशेष संबंध माना गया है।#पितर संध्या समय#संध्या#पितृ शक्ति
लोकपार्वण श्राद्ध में विश्वेदेवों का आह्वान क्यों अनिवार्य है?विश्वेदेव श्राद्ध के रक्षक और साक्षी हैं; वे पितृभाग को राक्षस-पिशाचों से सुरक्षित रखते हैं।#पार्वण श्राद्ध#विश्वेदेव#पुरूरव आर्द्र
लोकमेधातिथि ने वसु-रुद्र-आदित्य सिद्धांत की क्या व्याख्या की?मेधातिथि ने कहा कि पूर्वजों को वसु, रुद्र और आदित्य रूप जानकर व्यक्ति श्रद्धा से श्राद्ध करे, क्योंकि यह वेद-विहित शाश्वत व्यवस्था है।#मेधातिथि#मनुस्मृति#वसु रुद्र आदित्य
लोकप्रेत बाधा परिवार को कैसे प्रभावित करती है?प्रेत बाधा परिवार की मति, प्रीति, रीति, लक्ष्मी और बुद्धि नष्ट कर वंश को दरिद्र, रोगी और निःसंतान बना सकती है।#प्रेत बाधा#परिवार#वंश विनाश
लोकयमपुरी के रत्नजड़ित द्वार क्या दर्शाते हैं?यमपुरी के रत्नजड़ित द्वार पुण्य, दान, सत्य, पितृभक्ति, अहिंसा और योग-ज्ञान के आधार पर मिलने वाले सम्मान को दिखाते हैं।#यमपुरी द्वार#रत्नजड़ित#पश्चिम द्वार
लोकयमपुरी का दक्षिण द्वार भयानक क्यों है?दक्षिण द्वार पापियों का अंधकारमय मार्ग है, जो सिंहों, भेड़ियों और विषैले सर्पों से घिरा रहता है।#दक्षिण द्वार#यमपुरी#पापी
लोकयमपुरी के द्वार कर्मों के आधार पर कैसे मिलते हैं?यमपुरी में प्रवेश पाप, दान, सत्य, पितृसेवा, अहिंसा और योग-ज्ञान जैसे कर्मों के आधार पर अलग-अलग द्वारों से होता है।#यमपुरी द्वार#कर्म#पुण्य
लोकयमपुरी का पूर्व द्वार किन योगियों के लिए है?पूर्व द्वार सिद्ध योगियों, ऋषियों, ज्ञानियों और संबुद्ध आत्माओं के लिए है, जिनका पुष्पवर्षा से स्वागत होता है।#यमपुरी पूर्व द्वार#योगी#ऋषि
लोकयमपुरी का उत्तर द्वार क्यों श्रेष्ठ माना गया है?उत्तर द्वार सत्यवादियों, पितृभक्तों और अहिंसा पालन करने वालों के लिए है, इसलिए इसे उत्तम माना गया है।#यमपुरी उत्तर द्वार#सत्यवादी#पितृभक्त
लोकयमपुरी का पश्चिम द्वार किन आत्माओं के लिए है?पश्चिम द्वार उन दानवीर आत्माओं के लिए है जिन्होंने दान-पुण्य, धर्म रक्षा, गौदान, भूमि दान या विद्या दान किया हो।#यमपुरी पश्चिम द्वार#दानवीर#गौदान
लोकयमपुरी का दक्षिण द्वार किसके लिए है?दक्षिण द्वार पापियों के लिए है, जहाँ से झूठ, परस्त्रीगमन, भ्रूणहत्या और अन्य पाप करने वालों को यमदूत ले जाते हैं।#यमपुरी दक्षिण द्वार#पापी आत्मा#यमलोक