विस्तृत उत्तर
धर्मशास्त्रों और पुराणों में सप्तमी तिथि के अधिष्ठाता देव मुख्य रूप से सूर्य, भास्कर, दिवाकर या मार्तण्ड माने गए हैं।
सप्तमी तिथि के देवता कौन हैं को संदर्भ सहित समझें
सप्तमी तिथि के देवता कौन हैं का सबसे सीधा सार यह है: सप्तमी तिथि के अधिष्ठाता देव सूर्य माने गए हैं।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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स्वर्लोक की ऊपरी और निचली सीमा क्या है?
स्वर्लोक की निचली सीमा सूर्यमंडल के ऊपर से और ऊपरी सीमा ध्रुवलोक तक है। सूर्य के नीचे भुवर्लोक है और ध्रुव के ऊपर महर्लोक है।
पृथ्वी से स्वर्लोक कितनी दूरी पर है?
पृथ्वी से सूर्य तक एक लाख योजन है। सूर्य के ऊपर से स्वर्लोक शुरू होता है और ध्रुवलोक तक फैला है।
स्वर्लोक कहाँ स्थित है?
स्वर्लोक सूर्यमंडल से लेकर ध्रुवलोक तक का विशाल ब्रह्मांडीय क्षेत्र है। यह भूलोक के ऊपर और महर्लोक के नीचे स्थित है।
महाराज प्रियव्रत ने रात्रि का अंधकार मिटाने के लिए क्या किया?
महाराज प्रियव्रत ने सूर्य के रथ का पीछा करते हुए अपने तेजोमय रथ पर सवार होकर पृथ्वी की सात बार परिक्रमा की ताकि रात्रि का अंधकार मिट सके।
सूर्य फिर कैसे प्रज्वलित हुए?
प्राण-स्रोत लौटते ही सूर्य फिर प्रकाशित हुए।
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