लोकयमपुरी के चार द्वार कौन-कौन से हैं?यमपुरी के चार द्वार हैं: दक्षिण द्वार, पश्चिम द्वार, उत्तर द्वार और पूर्व द्वार। प्रवेश कर्मों के आधार पर होता है।#यमपुरी#चार द्वार#यमलोक
लोकमृत्यु के समय पापी को यमदूत कैसे दिखाई देते हैं?पापी को मृत्यु के समय विकराल, लाल आँखों वाले, भयानक मुख वाले यमदूत दिखाई देते हैं, जिन्हें देखकर वह भय से कांप उठता है।#मृत्यु समय#यमदूत#पापी आत्मा
लोकश्रवण देवों की पूजा करने से मृत्यु के समय क्या लाभ होता है?सत्य, दान-पुण्य और श्रवण देवों की पूजा करने वाले पर वे प्रसन्न होते हैं और मृत्यु के समय कष्ट नहीं होने देते।#श्रवण देव पूजा#मृत्यु समय#दान पुण्य
लोकचित्रगुप्त के हाथ में कलम, दवात और तलवार क्यों हैं?कलम और दवात चित्रगुप्त के कर्म-अभिलेखक स्वरूप को दिखाते हैं, और तलवार न्याय-व्यवस्था से उनके संबंध को दर्शाती है।#चित्रगुप्त#कलम#दवात
लोकपुण्यात्माएँ यमराज की सभा में कितने समय तक रह सकती हैं?कुछ पुण्यात्माएँ यमराज की सभा में एक महाकल्प तक निवास कर दिव्य भोग और सत्संग प्राप्त करती हैं।#पुण्यात्मा#यमराज सभा#महाकल्प
लोकपाताल लोक के निवासी समय को क्यों भूल जाते हैं?पाताल में दिन-रात और सौर समय नहीं है; इसलिए निवासी भोग-विलास में रहते हुए समय के बीतने को भूल जाते हैं।#पाताल लोक#काल#समय
लोकमहातल लोक में परिवार-मोह का क्या वर्णन है?महातल के नाग पत्नी, संतान, मित्र और कुटुंब के मोह में भोग-विलास करते हैं, पर गरुड़ के भय से मुक्त नहीं होते।#महातल परिवार मोह#नाग#कुटुंब
लोकमहातल के नाग परिवार के साथ कैसे रहते हैं?महातल के नाग पत्नी, संतान, मित्र और कुटुंब के साथ भोग-विलास करते हैं, पर गरुड़ से भयभीत रहते हैं।#महातल परिवार#नाग#कुटुंब
लोकमहातल लोक में समय का असर क्यों नहीं होता?महातल में दिन-रात नहीं हैं, इसलिए समय का सामान्य भान नहीं होता और निवासी बुढ़ापा-रोग से मुक्त रहते हैं।#महातल समय#दिन रात#काल प्रभाव
लोकमहातल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?महातल में सूर्य-चंद्र का उदय-अस्त नहीं होता, इसलिए दिन और रात का विभाजन नहीं है।#महातल दिन रात#सूर्य चंद्र#समय
लोकरसातल लोक में समय का डर क्यों नहीं होता?रसातल में दिन-रात नहीं हैं, इसलिए समय का भय नहीं होता और निवासी भोग में समय की गति भूल जाते हैं।#रसातल समय#काल भय#दिन रात
लोकरसातल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?रसातल में सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता, इसलिए दिन-रात का प्राकृतिक विभाजन नहीं होता।#रसातल दिन रात#समय#सूर्य प्रकाश
लोकवितल लोक के निवासियों को समय का डर क्यों नहीं होता?वितल में दिन-रात का विभाजन नहीं है, इसलिए निवासियों को समय बीतने का भान और काल का भय नहीं होता।#वितल समय#काल भय#दिन रात
लोकवितल लोक में दिन और रात क्यों नहीं होते?वितल लोक में सूर्य का सीधा प्रकाश और सूर्योदय-सूर्यास्त नहीं होता, इसलिए दिन-रात का भेद नहीं है।#वितल दिन रात#समय#सूर्यास्त
लोकसुतल लोक में समय का डर क्यों नहीं होता?सुतल में दिन-रात का विभाजन नहीं है, इसलिए वहाँ समय बीतने, मृत्यु और बुढ़ापे का सामान्य भय नहीं होता।#सुतल समय#काल भय#दिन रात
लोकसुतल लोक में भगवान विष्णु द्वारपाल क्यों बने?भगवान विष्णु राजा बलि की सत्यनिष्ठा और भक्ति से प्रसन्न होकर सुतल लोक में उनके रक्षक और द्वारपाल बने।#भगवान विष्णु द्वारपाल#सुतल लोक#राजा बलि
लोकतलातल में काल का प्रभाव कैसा है?तलातल में दिन-रात का भेद नहीं है, इसलिए काल का सामान्य भय अनुभव नहीं होता।#तलातल#काल#दिन रात
लोकतलातल के निवासियों को समय का भय क्यों नहीं होता?दिन-रात का भेद न होने से तलातल के निवासियों को समय बीतने का भय नहीं होता।#तलातल#समय भय#काल
लोकजनलोक में काल का प्रभाव कैसा होता है?जनलोक में काल का प्रभाव धीमा और भिन्न होता है, और आत्माएँ शाश्वत चिंतन में रहती हैं।#जनलोक#काल#समय
लोकगरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय श्रीहरि का ध्यान क्यों करना चाहिए?मृत्यु के समय मोह-माया त्यागकर श्रीहरि का ध्यान करने की बात गरुड़ पुराण में कही गई है।#गरुड़ पुराण#मृत्यु#श्रीहरि
लोकमहर्लोक के ऋषि प्रलय के समय कहाँ जाते हैं?महर्लोक के भृगु आदि ऋषि प्रलय के समय जनलोक में चले जाते हैं।#महर्लोक#प्रलय#भृगु ऋषि
लोकसत्यलोक में कितने समय तक रहा जा सकता है?सत्यलोक में 15,480 अरब मानव वर्षों तक रहा जा सकता है — यह ब्रह्मा जी की पूरी आयु के बराबर है। इसीलिए इसे मृत्युंजय लोक कहते हैं।#सत्यलोक#आयु#15480 अरब
लोकसत्यलोक के द्वारपाल कौन हैं?सत्यलोक के द्वारपाल इंद्र और प्रजापति हैं। यह उल्लेखनीय है कि स्वर्ग के राजा इंद्र यहाँ द्वारपाल हैं — यह सत्यलोक की सर्वोच्चता का प्रमाण है।#सत्यलोक#द्वारपाल#इंद्र