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विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण (प्रेतखंड, अध्याय 8) में मुखाग्नि/अंतिम संस्कार के अधिकार का स्पष्ट वर्णन है।
अधिकार क्रम
- 1पुत्र → 2. पौत्र → 3. प्रपौत्र → 4. भाई → 5. भतीजा → 6. पत्नी/बेटी/बहन (पुरुष न हो तो) → 7. समाज प्रमुखमहिलाओं का अधिकार:
*'शास्त्रों में कहीं भी महिलाओं को अंतिम संस्कार से वंचित नहीं किया गया। यह सामाजिक परंपरा है, धार्मिक नियम नहीं।'*
- ▸गरुड़ पुराण: *'महिलाएं (पत्नी, बेटी, बहन) अंतिम संस्कार तभी कर सकती हैं जब परिवार में कोई पुरुष सदस्य न हो।'*
- ▸आधुनिक दृष्टि: बेटी = पुत्र समान। कई प्रगतिशील परिवारों में बेटियाँ मुखाग्नि दे रही हैं।
सबसे महत्वपूर्ण: मुखाग्नि श्रद्धा और कर्तव्य से दी जानी चाहिए — लिंग से अधिक भाव महत्वपूर्ण।
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