विस्तृत उत्तर
भगवान शिव का पंचाक्षर मंत्र 'नमः शिवाय' उनकी करुणा का साक्षात् प्रवाह है।
यह शिव-कृपा तक पहुँचने का वह राजमार्ग है जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए खुला है, चाहे वह किसी भी वर्ण, आश्रम या परिस्थिति में हो।
देवाधिदेव को आडम्बरपूर्ण कर्मकांड नहीं, अपितु एक निर्मल हृदय की सच्ची पुकार प्रिय है।





