विस्तृत उत्तर
कुछ साधकों को 'वचन सिद्धि' भी प्राप्त होती है, जिससे उनकी वाणी सत्य और प्रभावशाली हो जाती है।
जब चित्त शुद्ध और शांत हो जाता है, तब महादेव की कृपा से साधक के सभी सात्विक मनोरथ स्वयं ही पूर्ण होने लगते हैं।
'वचन सिद्धि' वह सिद्धि है जिसमें साधक की वाणी सत्य और प्रभावशाली हो जाती है — अर्थात् साधक जो भी कहता है वह सत्य होने लगता है।
कुछ साधकों को 'वचन सिद्धि' भी प्राप्त होती है, जिससे उनकी वाणी सत्य और प्रभावशाली हो जाती है।
जब चित्त शुद्ध और शांत हो जाता है, तब महादेव की कृपा से साधक के सभी सात्विक मनोरथ स्वयं ही पूर्ण होने लगते हैं।
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