विस्तृत उत्तर
पारद शिवलिंग की स्थापना घर के पूजा-गृह में की जा सकती है। स्थापना के लिए लकड़ी की चौकी पर पीतल, तांबे या चांदी की वेदी (अर्घ्या) का प्रयोग करें।
आगम शास्त्र' के अनुसार, शिवलिंग की वेदी (योनिका, जहाँ से अभिषेक-जल बहता है) का मुख 'उत्तर दिशा' की ओर होना चाहिए, और साधक (पूजा करने वाला) को 'पूर्व दिशा' की ओर मुख करके (शिवलिंग के पश्चिम मुख के सम्मुख) बैठना चाहिए।





