ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा विधि📜 मंत्र महोदधि, धर्म सिंधु — जप विधि, मनुस्मृति1 मिनट पठन

पूजा में मंत्र जप कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

मंत्र जप विधि: कुश आसन, रुद्राक्ष माला, दाहिने हाथ की मध्यमा-अनामिका से पकड़ें, तर्जनी न छुएं। सुमेरु से शुरू, पलटें — लांघें नहीं। मानस जप श्रेष्ठ (मनुस्मृति: वाचिक से 100 गुणा)। जप बाद माला माथे से लगाएं।

📖

विस्तृत उत्तर

मंत्र जप की विधि मंत्र महोदधि और धर्म सिंधु में वर्णित है:

जप की विधि (क्रमिक)

1आसन

कुश या ऊनी आसन पर बैठें। रीढ़ सीधी।

2माला

रुद्राक्ष, तुलसी या स्फटिक माला।

3हाथ की स्थिति (जप मुद्रा)

  • दाहिने हाथ की मध्यमा और अनामिका से माला पकड़ें
  • तर्जनी से माला न छुएं
  • गोमुखी में माला रखें

4उच्चारण

  • वाचिक — मुख से (प्रारंभिक)
  • उपांशु — होंठ हिलाएं, आवाज न निकले (मध्यम)
  • मानस — मन में (श्रेष्ठ)

5जप करें

  • सुमेरु से शुरू करें
  • प्रत्येक मनका पर एक मंत्र
  • सुमेरु आने पर माला पलटें — सुमेरु न लांघें

6जप के बाद

  • माला माथे से लगाएं
  • कुछ क्षण मौन में बैठें

मनुस्मृति

वाचिकाद् दशगुणं श्रेष्ठमुपांशु' — वाचिक से 10 गुणा उपांशु, 100 गुणा मानस।
📜
शास्त्रीय स्रोत
मंत्र महोदधि, धर्म सिंधु — जप विधि, मनुस्मृति
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

मंत्र जप विधिमालासंख्याउचित विधि

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पूजा में मंत्र जप कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर मंत्र महोदधि, धर्म सिंधु — जप विधि, मनुस्मृति पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।