ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पुरश्चरण📜 मंत्रमहार्णव, शिव पुराण (रुद्राभिषेक माहात्म्य), स्कंद पुराण, कुलार्णव तंत्र (15.77), अग्निपुराण2 मिनट पठन

पुरश्चरण के दौरान अभिषेक क्यों किया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

पुरश्चरण में अभिषेक (मार्जन): संख्या = तर्पण का 10वाँ। पाँच कारण: देवता का सम्मान-स्नान, साधक-स्थल-मूर्ति शुद्धि, तर्पण-दोष-निवारण, देवता का सान्निध्य, पुरश्चरण की पूर्णता। 'मार्जनं शुद्धिकारकम्' (कुलार्णव)। अभिषेक सामग्री: शिव (दूध-गंगाजल), देवी (मधु-दही), गणपति (पंचामृत)।

📖

विस्तृत उत्तर

पुरश्चरण में अभिषेक (मार्जन) की अनिवार्यता और महत्व:

मंत्रमहार्णव — अभिषेक की परिभाषा

मार्जनं देवतायाश्च अभिषेकः स उच्यते।

तर्पणस्य दशांशेन पुरश्चरणे विधीयते।।'

— देवता का मार्जन (जल-अभिषेक) ही 'मार्जन-अंग' है। यह तर्पण के दशांश में पुरश्चरण में विहित है।

अभिषेक क्यों अनिवार्य — पाँच कारण

1देवता का सम्मान और स्नान

शिव पुराण (रुद्राभिषेक माहात्म्य): देवता की मूर्ति को जल से अभिषेक करना = देवता को स्नान कराना। जैसे अतिथि के आने पर पाद-प्रक्षालन करते हैं — देवता को अभिषेक से सत्कार।

2साधक की बाह्य-आंतरिक शुद्धि

कुलार्णव (15.77): 'मार्जनं शुद्धिकारकम्।' — मार्जन (जल-छिड़काव) साधक, साधना-स्थल, और देवता — तीनों की शुद्धि करता है। जप और हवन में जो सूक्ष्म अशुद्धियाँ रह जाएं — मार्जन उन्हें धोता है।

3तर्पण-दोष-निवारण

मंत्रमहार्णव: तर्पण के दौरान यदि कोई त्रुटि हो — अभिषेक उसे शुद्ध करता है। यह 'शुद्धि का शुद्धिकर्ता' है।

4जल-तत्व के माध्यम से देवता का सान्निध्य

अग्निपुराण: जल सर्वशुद्धिकर है — जहाँ भी जल है, वहाँ देवशक्ति का वास। अभिषेक से देवता की मूर्ति में चेतना और अधिक जाग्रत होती है।

5पुरश्चरण का 'पूर्णता-अंग'

स्कंद पुराण: बिना अभिषेक के पुरश्चरण 'अपूर्ण' माना जाता है। अभिषेक = पुरश्चरण की स्वीकृति का प्रतीक।

अभिषेक और मार्जन में अंतर

  • मार्जन = कुश-शाखा से जल छिड़काव — स्वयं पर, स्थान पर, और मूर्ति पर
  • अभिषेक = देवता-मूर्ति पर पंचामृत या जल-धारा — विशेष पूजन-विधि

पुरश्चरण के संदर्भ में मंत्रमहार्णव इन्हें समानार्थी रूप से प्रयुक्त करता है।

अभिषेक सामग्री (देवता-अनुसार)

  • शिव: दूध, जल, पंचामृत, गंगाजल
  • विष्णु: पंचामृत, गंधोदक
  • देवी: दूध, मधु, दही, गंधोदक
  • गणपति: दूध, पंचामृत
📜
शास्त्रीय स्रोत
मंत्रमहार्णव, शिव पुराण (रुद्राभिषेक माहात्म्य), स्कंद पुराण, कुलार्णव तंत्र (15.77), अग्निपुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

अभिषेकमार्जनदेव अभिषेकशुद्धि

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पुरश्चरण के दौरान अभिषेक क्यों किया जाता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पुरश्चरण से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर मंत्रमहार्णव, शिव पुराण (रुद्राभिषेक माहात्म्य), स्कंद पुराण, कुलार्णव तंत्र (15.77), अग्निपुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।