विस्तृत उत्तर
तर्पण: हवन की कुल संख्या का १०% अंश — १,२५० बार। जल में दूध, तिल आदि मिलाकर 'तर्पयामि' कहकर इष्ट देव और पितरों को अर्पित करना। यह हवन की ऊष्मा को शांत करता है।
तर्पण में हवन का 10% = 1,250 बार जल में दूध-तिल मिलाकर 'तर्पयामि' कहकर इष्ट देव और पितरों को अर्पित करते हैं — यह हवन की ऊष्मा को शांत करता है।
तर्पण: हवन की कुल संख्या का १०% अंश — १,२५० बार। जल में दूध, तिल आदि मिलाकर 'तर्पयामि' कहकर इष्ट देव और पितरों को अर्पित करना। यह हवन की ऊष्मा को शांत करता है।
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