विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, रजत अर्थात् चांदी की उत्पत्ति भगवान आशुतोष शिव के नेत्रों से हुई है।
महादेव के नेत्रों से उद्भूत होने के कारण यह एक अत्यंत पवित्र, शीतल और सात्विक धातु मानी जाती है।
शास्त्रों के अनुसार रजत (चांदी) की उत्पत्ति भगवान शिव के नेत्रों से हुई — महादेव के नेत्रों से उद्भूत होने के कारण यह अत्यंत पवित्र, शीतल और सात्विक धातु मानी जाती है।
शास्त्रों के अनुसार, रजत अर्थात् चांदी की उत्पत्ति भगवान आशुतोष शिव के नेत्रों से हुई है।
महादेव के नेत्रों से उद्भूत होने के कारण यह एक अत्यंत पवित्र, शीतल और सात्विक धातु मानी जाती है।
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