विस्तृत उत्तर
एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के परम भक्त दैत्य गुडाकेश ने जब यह वर मांगा कि उसकी मृत्यु श्रीहरि के सुदर्शन चक्र से हो, तब भगवान ने उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसके शरीर के अंशों को ताम्र धातु में परिवर्तित कर दिया और यह वरदान दिया कि यह धातु उनकी पूजा में सदैव प्रयोग की जाएगी।
इसी कारण ताम्र को परम पवित्र माना जाता है।





