विस्तृत उत्तर
शुकदेव जी ने शिव भक्त और विष्णु भक्त का अंतर बहुत सूक्ष्म रूप से समझाया। उन्होंने कहा कि शिव जी प्रकृति के गुणों से जुड़े हुए भक्तों को उनकी इच्छा के अनुसार शीघ्र भौतिक वरदान दे सकते हैं। इसलिए शिव भक्त कभी-कभी धन, शक्ति और ऐश्वर्य प्राप्त करते हैं। भगवान विष्णु गुणातीत हैं और उनका लक्ष्य भक्त को अंततः मोक्ष की ओर ले जाना है। वे अपने प्रिय भक्त की भौतिक आसक्ति काट सकते हैं, भले ही बाहर से वह निर्धन दिखे। वृकासुर का उदाहरण बताता है कि शीघ्र मिला वरदान यदि अधर्म में लगे, तो विनाशकारी हो सकता है।
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