विस्तृत उत्तर
अम्बरीष भगवान विष्णु के ऐसे भक्त थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भगवान को समर्पित कर दिया था। वे राजा थे, पर अपने राज्य और ऐश्वर्य को भगवान की सेवा का साधन मानते थे। उनका मन भगवान के चरणों में, वाणी हरिनाम में और कर्म धर्म-सेवा में लगा रहता था। भगवान विष्णु उनकी भक्ति से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने सुदर्शन चक्र को उनकी रक्षा के लिए नियुक्त किया। दुर्वासा प्रसंग में भी अम्बरीष ने भगवान पर पूर्ण भरोसा रखा। उन्होंने अपने अपराधी को भी बचाने की प्रार्थना की। इसलिए वे वैष्णव भक्ति के महान आदर्श हैं।
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