विस्तृत उत्तर
विष्णु पुराण में यमराज स्वयं अपने दूतों को स्पष्ट निर्देश देते हैं कि जो मनुष्य भगवान विष्णु के सच्चे भक्त हैं, उनके समीप यमदूत कभी न जाएँ, क्योंकि वैष्णवों पर यमराज का अधिकार नहीं होता। जो मनुष्य जीवन भर भगवत परायण रहते हैं, निष्काम भाव से कर्म करते हैं और अपने कर्मों को परमात्मा स्वरूप श्री विष्णु को अर्पण करते हैं, उन पर यमराज का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे भक्तों का यम, यमदूत, यमपाश, यमदंड अथवा यम-यातना कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। भागवत पुराण भी पुष्टि करता है कि वैष्णवों को यमदूत नहीं, अपितु विष्णुदूत सीधे वैकुण्ठ ले जाते हैं।
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