विस्तृत उत्तर
भागवत पुराण में राजा अम्बरीष को भगवान विष्णु के आदर्श भक्त के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वे अपार ऐश्वर्य वाले राजा थे, फिर भी भोग में नहीं फँसे। उन्होंने अपने मन, वाणी, हाथ, कान, नेत्र और सभी कर्म भगवान की सेवा में लगाए। उन्होंने एकादशी व्रत का पालन किया और धर्मसंकट में भी शास्त्रसम्मत मार्ग चुना। दुर्वासा ऋषि के क्रोध के बावजूद वे शांत रहे। सुदर्शन चक्र ने उनकी रक्षा की। भगवान विष्णु ने दुर्वासा से कहा कि वे अपने भक्तों के अधीन हैं। इसलिए अम्बरीष चरित्र भागवत भक्ति का महान प्रमाण है।
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